रुक्मी ने अपना धनुष पूरी ताकत से खींचा और श्री कृष्ण पर तीन बाण चलाए। तब उसने कहा, “रे यदुवंश के अपमान करने वाले! जरा रुक तो!”
Rukmi pulled his bow with great force and shot three arrows at Krishna. Then he said, “Oh you who are defiling the Yaduvansh! Wait for a moment!”
तात्पर्य
श्रील श्रीधरस्वामी बताते हैं कि कुल-पांसन को कुल-प, "हे यादुवंश के स्वामी," और अंशन, "हे दुश्मनों को मारने वाले विशेषज्ञ," शब्दों के संयोजन के रूप में समझा जा सकता है। आचार्य व्याकरण संबंधी जानकारी देते हैं जो इस व्याख्या को संभव बनाती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥