अद्याहं निशितैर्बाणैर्गोपालस्य सुदुर्मते: ।
नेष्ये वीर्यमदं येन स्वसा मे प्रसभं हृता ॥ २२ ॥
अनुवाद
"इस दुष्ट और घमंडी ग्वाला ने अपनी ताकत के नशे में मेरी बहन का अपहरण कर लिया है। आज मैं उसे अपने तेज बाणों से अधमरा करके उसका घमंड चूर कर दूँगा।"
“This evil-minded cowherd boy has kidnapped my sister forcefully because he is proud of his strength. But today I will shatter his pride with my sharp arrows.”
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी बताते है कि गोपालस्य का वास्तविक मतलब "वेदों के रखवाले का" है जबकि दुर्मातें का अर्थ है "जिनका खूबसूरत दिल दुष्टो के लिए भी दयावान है"। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती कहते है कि रुक्मी के कहने का वास्तविक मतलब साफ है कि आज भगवान कृष्ण के साथ युद्ध करते हुए, रुक्मी एक महान हीरो होने के अपने दिखावों से खुद को छुटकारा दिला लेंगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥