Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.54.2: जब यादव सेना के सेनापतियों ने देखा कि दुश्मन सेना उन पर आक्रमण करने के लिए दौड़ रही है, तो हे राजन. वे सब अपने धनुषों पर तीर चढ़ाकर उनका सामना करने के लिए मुड़े और डटकर खड़े हो गये। | bhagavat अध्याय 10.54: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तानापतत आलोक्य यादवानीकयूथपा: ।
तस्थुस्तत्सम्मुखा राजन्विस्फूर्ज्य स्वधनूंषि ते ॥ २ ॥
अनुवाद
जब यादव सेना के सेनापतियों ने देखा कि दुश्मन सेना उन पर आक्रमण करने के लिए दौड़ रही है, तो हे राजन. वे सब अपने धनुषों पर तीर चढ़ाकर उनका सामना करने के लिए मुड़े और डटकर खड़े हो गये।
When the commanders of the Yadava army saw that the enemy was rushing to attack them, O King, they all strummed their bows, turned to face them and stood firm.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥