Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.54.1: शुकदेव गोस्वामी ने कहा: ऐसा कहकर उन सभी क्रुद्ध राजाओं ने अपने कवच पहनें और अपने-अपने वाहनों पर सवार हो गए। प्रत्येक राजा, हाथ में धनुष लिए, श्री कृष्ण का पीछा करते समय अपनी सेना से घिरा हुआ था। | bhagavat अध्याय 10.54: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: ऐसा कहकर उन सभी क्रुद्ध राजाओं ने अपने कवच पहनें और अपने-अपने वाहनों पर सवार हो गए। प्रत्येक राजा, हाथ में धनुष लिए, श्री कृष्ण का पीछा करते समय अपनी सेना से घिरा हुआ था।
Sukadeva Goswami said: Having said this, all those enraged kings put on their armor and mounted their vehicles. Each king, with a bow in his hand, was surrounded by his army while pursuing Lord Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥