Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.53.34: दानशील राजा भीष्मक ने दोनों प्रभुओं के साथ-साथ उनकी सेना और उनके अनुचरों के लिए भी भव्य आवास की व्यवस्था की। इस प्रकार उन्होंने उनका समुचित स्वागत और आतिथ्य किया। | bhagavat अध्याय 10.53: कृष्ण द्वारा रुक्मिणी का अपहरण । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दानशील राजा भीष्मक ने दोनों प्रभुओं के साथ-साथ उनकी सेना और उनके अनुचरों के लिए भी भव्य आवास की व्यवस्था की। इस प्रकार उन्होंने उनका समुचित स्वागत और आतिथ्य किया।
The generous king arranged grand accommodations for the two lords as well as for their army and companions. Thus he provided them with proper hospitality.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥