Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.53.31: राजकुमारी वैदर्भी कृष्ण के आगमन से अत्यधिक प्रसन्न हुई, परन्तु उनके पास ब्राह्मण को देने के लिए कोई उपयुक्त वस्तु नहीं मिली। इसलिए, उसने केवल उन्हें साष्टांग नमस्कार किया। | bhagavat अध्याय 10.53: कृष्ण द्वारा रुक्मिणी का अपहरण । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तमागतं समाज्ञाय वैदर्भी हृष्टमानसा ।
न पश्यन्ती ब्राह्मणाय प्रियमन्यन्ननाम सा ॥ ३१ ॥
अनुवाद
राजकुमारी वैदर्भी कृष्ण के आगमन से अत्यधिक प्रसन्न हुई, परन्तु उनके पास ब्राह्मण को देने के लिए कोई उपयुक्त वस्तु नहीं मिली। इसलिए, उसने केवल उन्हें साष्टांग नमस्कार किया।
Princess Vaidarbhi was very happy to hear about Krishna's arrival. Not finding any suitable thing nearby to give, she simply greeted the Brahmin.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥