तामानयिष्य उन्मथ्य राजन्यापसदान् मृधे ।
मत्परामनवद्याङ्गीमेधसोऽग्निशिखामिव ॥ ३ ॥
अनुवाद
वह अपने आपको एकमात्र मेरे प्रति ही अर्पित कर चुकी है और उसका सौन्दर्य दोषरहित है। उन निकम्मे राजाओं को युद्ध में उसी तरह पीसकर मैं उसे यहाँ लाऊँगा जिस तरह लकड़ी से आग निकाली जाती है।
She has devoted herself to me alone and her beauty is flawless. I will bring her here by churning those unworthy kings in battle in the same way as a blazing fire is produced from wood.
तात्पर्य
जैसे जंगल में छिपी आग के भड़कने से जंगल जलकर राख हो जाता है, वैसे ही भगवान कृष्ण ने घोषणा की कि रुक्मिणी उनके हाथों को थामेगी और इस प्रक्रिया में दुष्ट राजा कृष्ण के संकल्प की आग में जलेंगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥