श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 52: भगवान् कृष्ण के लिए रुक्मिणी-संदेश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  10.52.9 
पलायमानौ तौ द‍ृष्ट्वा मागध: प्रहसन्बली ।
अन्वधावद् रथानीकैरीशयोरप्रमाणवित् ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
उन्हें भागते हुए देखकर शक्तिशाली जरासंध जोर-जोर से हंस पड़ा और सारथियों और पैदल सैनिकों को साथ लेकर उनका पीछा करने लगा। वह दोनों प्रभुओं के ऊंचे पद को नहीं समझ पाया।
 
Seeing them fleeing, the powerful Jarasandha burst into laughter and pursued them with his charioteers and infantry. He could not understand the high status of the two lords.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)