Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.52.26: वैदर्भी जी की श्याम रंग की आँखें थी और वह इस योजना से अवगत थी इसलिए वह इससे महान रूप से दुखी हुई। उसने सारी परिस्थिति पर विचार करते हुए कृष्ण के पास तुरन्त एक विश्वासपात्र ब्राह्मण को भेजा। | bhagavat अध्याय 10.52: भगवान् कृष्ण के लिए रुक्मिणी-संदेश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैदर्भी जी की श्याम रंग की आँखें थी और वह इस योजना से अवगत थी इसलिए वह इससे महान रूप से दुखी हुई। उसने सारी परिस्थिति पर विचार करते हुए कृष्ण के पास तुरन्त एक विश्वासपात्र ब्राह्मण को भेजा।
The dark-eyed Vaidarbhi was aware of this plan and was very sad. After thinking over the whole situation, she immediately sent a trusted Brahmin to Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥