श्रीराजोवाच
भगवान् भीष्मकसुतां रुक्मिणीं रुचिराननाम् ।
राक्षसेन विधानेन उपयेम इति श्रुतम् ॥ १८ ॥
अनुवाद
राजा परीक्षित ने कहा: मैंने सुना है कि भगवान् ने भीष्मक की सुंदर पुत्री रुक्मिणी से राक्षस विधि से विवाह किया था।
King Parikshit said: I have heard that the Lord married Rukmini, the beautiful daughter of Bhishmaka, through the demoniac method.
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी इस स्मृति कथन का उल्लेख करते हैं: राक्षसो युद्ध–हरनात्। "राक्षस विवाह तब होता है जब वधू को एक प्रतिद्वंद्वी प्रेमी से बलपूर्वक चुरा लिया जाता है।" इसी तरह, स्वयं शुकदेव गोस्वामी ने पहले ही कहा है, राज्ञः प्रमथ्य: कृष्ण को रुक्मिणी को लेने के लिए विरोधी राजाओं को हराना पड़ा था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥