Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.51.37: कई जन्मों में, कोई व्यक्ति पृथ्वी पर धूल-कणों की गणना कर सकता है, किन्तु मेरे गुणों, कर्मों, नामों और जन्मों की गणना कोई भी कभी पूरी नहीं कर सकता है। | bhagavat अध्याय 10.51: मुचुकुन्द का उद्धार । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
क्वचिद् रजांसि विममे पार्थिवान्युरुजन्मभि: ।
गुणकर्माभिधानानि न मे जन्मानि कर्हिचित् ॥ ३७ ॥
अनुवाद
कई जन्मों में, कोई व्यक्ति पृथ्वी पर धूल-कणों की गणना कर सकता है, किन्तु मेरे गुणों, कर्मों, नामों और जन्मों की गणना कोई भी कभी पूरी नहीं कर सकता है।
It is possible for a person to count the dust particles on Earth in several births, but no one can ever complete the count of my virtues, deeds, names and births.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥