श्रीभगवानुवाच
जन्मकर्माभिधानानि सन्ति मेऽङ्ग सहस्रश: ।
न शक्यन्तेऽनुसङ्ख्यातुमनन्तत्वान्मयापि हि ॥ ३६ ॥
अनुवाद
भगवान बोले : हे मित्र, मैंने हजारों जन्म लिए हैं, हजारों जीवन जिया है और हजारों नाम धारण किए हैं। दरअसल मेरे जन्म, कर्म और नाम अनंत हैं, इसीलिए मैं भी उनकी गिनती नहीं कर सकता।
The Lord said: O friend, I have taken thousands of births; lived thousands of lives; and assumed thousands of names. In fact, my births, actions, and names are infinite, so much so that even I cannot count them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥