Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.51.35: [शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा]: राजा द्वारा इस तरह कहे जाने पर समस्त सृष्टि के उद्गम भगवान मुसकराने लगे और बादलों की गर्जना के समान गम्भीर वाणी में उत्तर दिया। | bhagavat अध्याय 10.51: मुचुकुन्द का उद्धार । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं सम्भाषितो राज्ञा भगवान् भूतभावन: ।
प्रत्याह प्रहसन् वाण्या मेघनादगभीरया ॥ ३५ ॥
अनुवाद
[शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा]: राजा द्वारा इस तरह कहे जाने पर समस्त सृष्टि के उद्गम भगवान मुसकराने लगे और बादलों की गर्जना के समान गम्भीर वाणी में उत्तर दिया।
[Śukadeva Gosvāmī continued]: When the king spoke like this, the Lord, the origin of all creation, smiled, and then He answered him in a deep voice, like the thunder of the clouds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥