Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.50.9: मेरा यह अवतार पृथ्वी पर से भार हटाने, साधुओं की रक्षा करने और अधर्मियों का नाश करने के लिए हुआ है।   |   bhagavat अध्याय 10.50: कृष्ण द्वारा द्वारकापुरी की स्थापना   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 50: कृष्ण द्वारा द्वारकापुरी की स्थापना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  10.50.9 
एतदर्थोऽवतारोऽयं भूभारहरणाय मे ।
संरक्षणाय साधूनां कृतोऽन्येषां वधाय च ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
मेरा यह अवतार पृथ्वी पर से भार हटाने, साधुओं की रक्षा करने और अधर्मियों का नाश करने के लिए हुआ है।
 
This is the purpose of my incarnation - to relieve the burden of the earth, to protect the saints and to kill the ascetics.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)