Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.50.49: इस प्रकार बलराम जी से बातचीत करने के बाद भगवान ने समुद्र में बारह योजन परिधि का एक किला बनवाया। उस किले के भीतर उन्होंने एक ऐसा नगर का निर्माण करवाया जिसमें अद्भुत वस्तुओं से परिपूर्ण था। | bhagavat अध्याय 10.50: कृष्ण द्वारा द्वारकापुरी की स्थापना । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार बलराम जी से बातचीत करने के बाद भगवान ने समुद्र में बारह योजन परिधि का एक किला बनवाया। उस किले के भीतर उन्होंने एक ऐसा नगर का निर्माण करवाया जिसमें अद्भुत वस्तुओं से परिपूर्ण था।
In this way, after consulting Balarama, the Lord built a fort with a circumference of twelve yojanas inside the sea. Within this fort, he built a city in which wonderful things were available, one better than the other.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥