Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.50.16: जब भगवान् कृष्ण दारुक द्वारा हाँके जा रहे रथ पर सवार होकर नगरी के बाहर आये तो उन्होंने अपने शंख को बजाया, तब शत्रु के सैनिकों के हृदय भय से थरथराने लगे। | bhagavat अध्याय 10.50: कृष्ण द्वारा द्वारकापुरी की स्थापना । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब भगवान् कृष्ण दारुक द्वारा हाँके जा रहे रथ पर सवार होकर नगरी के बाहर आये तो उन्होंने अपने शंख को बजाया, तब शत्रु के सैनिकों के हृदय भय से थरथराने लगे।
When Lord Krishna came out of the city in his chariot driven by Daruka, he blew his conch. This made the hearts of the enemy soldiers tremble with fear.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥