Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.5.6: नंद महाराज की राजधानी व्रजपुर रंग-बिरंगी पताकाओं और झंडियों से सज चुकी थी और अलग-अलग जगहों पर तरह-तरह के फूलों की मालाओं, वस्त्रों और आम की पत्तियों से तोरण द्वार बनाए गए थे। आंगन, सड़कों के नज़दीक द्वार और घरों के अंदर तक की सारी जगहें पूरी तरह झाड़कर पानी से धोई गई थीं। | bhagavat अध्याय 10.5: नन्द महाराज तथा वसुदेव की भेंट । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्रज: सम्मृष्टसंसिक्तद्वाराजिरगृहान्तर: ।
चित्रध्वजपताकास्रक्चैलपल्लवतोरणै: ॥ ६ ॥
अनुवाद
नंद महाराज की राजधानी व्रजपुर रंग-बिरंगी पताकाओं और झंडियों से सज चुकी थी और अलग-अलग जगहों पर तरह-तरह के फूलों की मालाओं, वस्त्रों और आम की पत्तियों से तोरण द्वार बनाए गए थे। आंगन, सड़कों के नज़दीक द्वार और घरों के अंदर तक की सारी जगहें पूरी तरह झाड़कर पानी से धोई गई थीं।
Nanda Maharaj's residence, Vrajpur, was fully decorated with colourful flags and banners, and at various places, festoons were made of various kinds of flower garlands, cloth and mango leaves. The courtyard, doors near the roads and everything inside the rooms of the houses were thoroughly swept and washed with water.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥