इस नए संपर्क (मिलन) की आशंका से घबराई और शरमाई हुई अपनी प्रेमिका को पास बुलाकर, भगवान ने उसके कंगन से सजे हाथों को पकड़कर उसे अपनी सेज पर खींच लिया। इस तरह उन्होंने उस सुंदर लड़की के साथ प्रेम किया, जिसकी एकमात्र पवित्रता इतनी ही थी कि उसने कभी भगवान को लेप चढ़ाया था।
Apprehensive of this new contact (union), the Lord called the shy beloved to come forward and pulled her to His bed by holding her bracelet-adorned hands. Thus He enjoyed the company of that beautiful lady whose only purity was that she had once offered ointment to the Lord.
तात्पर्य
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती यह व्याख्या करते हैं कि नव-संगम-ह्रिया शब्द यह संकेत देते हैं कि इस बिंदु पर त्रिवक्रा वास्तव में एक कुंवारी लड़की थी। वह एक विकृत कुबड़ी थी, और भगवान ने हाल ही में उसे एक खूबसूरत लड़की में बदल दिया था। इसलिए, यद्यपि वह स्पष्ट रूप से श्री कृष्ण के लिए वासना कर रही थी, पर वह स्वाभाविक रूप से शर्मीली और चिंतित थी।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥