श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 46: उद्धव की वृन्दावन यात्रा  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  10.46.38 
न माता न पिता तस्य न भार्या न सुतादय: ।
नात्मीयो न परश्चापि न देहो जन्म एव च ॥ ३८ ॥
 
 
अनुवाद
न तो उन्हें माँ है, न पिता, न पत्नी, न बच्चे या कोई अन्य रिश्तेदार। उनका किसी से कोई रिश्ता नहीं है फिर भी कोई भी उनसे पराया नहीं है। उनका न कोई भौतिक शरीर है और न ही कोई जन्म।
 
He has neither a mother nor a father nor a wife nor a son nor any other relative. No one is related to him and yet no one is alien to him. He has neither a physical body nor any birth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)