Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.45.33: ब्राह्मणों में श्रेष्ठ आचार्य सान्दीपनि उनके नम्र आचरण से प्रसन्न थे इसलिए उन्होंने उन दोनों को सभी वेदों और उनके छह अंगों सहित उपनिषदों का ज्ञान दिया। | bhagavat अध्याय 10.45: कृष्ण द्वारा अपने गुरु-पुत्र की रक्षा । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणों में श्रेष्ठ आचार्य सान्दीपनि उनके नम्र आचरण से प्रसन्न थे इसलिए उन्होंने उन दोनों को सभी वेदों और उनके छह अंगों सहित उपनिषदों का ज्ञान दिया।
The Brahmin-best Guru Sandipani was satisfied with their humble conduct, hence he taught both of them all the Vedas including six Vedangas and Upanishads.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥