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bhagavat 10.44.8: कहाँ ये वज्र जैसे पुष्ट अंगों वाले तथा शक्तिशाली पर्वतों जैसे शरीर वाले दोनों पेशेवर पहलवान और कहाँ ये सुकुमार अंगों वाले किशोर अल्प-वयस्क बालक?   |   bhagavat अध्याय 10.44: कंस वध   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 44: कंस वध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  10.44.8 
क्‍व वज्रसारसर्वाङ्गौ मल्लौ शैलेन्द्रसन्निभौ ।
क्‍व चातिसुकुमाराङ्गौ किशोरौ नाप्तयौवनौ ॥ ८ ॥
 
 
अनुवाद
कहाँ ये वज्र जैसे पुष्ट अंगों वाले तथा शक्तिशाली पर्वतों जैसे शरीर वाले दोनों पेशेवर पहलवान और कहाँ ये सुकुमार अंगों वाले किशोर अल्प-वयस्क बालक?
 
Where are these two professional wrestlers with strong limbs like thunderbolts and bodies like powerful mountains and where are these young boys with delicate limbs?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)