उत्थापनैरुन्नयनैश्चालनै: स्थापनैरपि ।
परस्परं जिगीषन्तावपचक्रतुरात्मन: ॥ ५ ॥
अनुवाद
एक-दूसरे को जबरन उठाकर, ले जाकर, धकेलकर और पकड़कर, कुश्ती लड़ने वाले जीत की बड़ी इच्छा में अपने शरीरों को भी चोट पहुँचा बैठते हैं।
By forcefully lifting, carrying, pushing and holding each other, the wrestlers would even injure their bodies in their intense desire for victory.
तात्पर्य
श्रील जीव गोस्वामी समझाते हैं कि यद्यपि कृष्ण और बलराम ने निश्चित रूप से खुद को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया, लेकिन यह चाणूर, मुष्टिक और सांसारिक दृष्टि वाले अन्य लोगों को ऐसा प्रतीत हुआ। दूसरे शब्दों में, प्रभु पूरी तरह से पहलवान बनने के मनोरंजन में लीन थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥