दोनों भगवान से अत्यधिक प्रेम होने के कारण, जब उन्होंने महिलाओं से अपने प्रिय पुत्रों के बारे में भयावह बातें सुनी, तो उनका हृदय शोक और चिंता से भर गया। अपने बेटों की क्षमता और शक्ति को न जानने के कारण, वे दुख और निराशा से घिर गए।
Due to their affection for both the Gods, when their parents (Devaki and Vasudeva) heard the fearful words of the women, they became upset with grief. They became angry due to not knowing the strength of their sons.
तात्पर्य
स्वाभाविक सी बात है कि कृष्ण के माता-पिता इस स्थिति में विलाप करेंगे और सोच रहे होंगे कि "हमने अपने बेटों को घर पर क्यों नहीं रखा? हमने उन्हें इस दूषित प्रदर्शिनी में भाग लेने की इजाज़त क्यों दी?"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥