Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.44.17: [शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा] हे भरत-श्रेष्ठ, जब स्त्रियाँ इस प्रकार बोल रही थीं, तब समस्त योग-शक्तियों के स्वामी कृष्ण भगवान ने अपने शत्रु को मौत के घाट उतारने का मन बना लिया। | bhagavat अध्याय 10.44: कंस वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं प्रभाषमाणासु स्त्रीषु योगेश्वरो हरि: ।
शत्रुं हन्तुं मनश्चक्रे भगवान् भरतर्षभ ॥ १७ ॥
अनुवाद
[शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा] हे भरत-श्रेष्ठ, जब स्त्रियाँ इस प्रकार बोल रही थीं, तब समस्त योग-शक्तियों के स्वामी कृष्ण भगवान ने अपने शत्रु को मौत के घाट उतारने का मन बना लिया।
[Śukadeva Gosvāmī continued] O best of the Bharatas, while the women were talking in this manner, Lord Kṛṣṇa, the master of all yogic power, decided to kill His enemy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥