स पर्यावर्तमानेन सव्यदक्षिणतोऽच्युत: ।
बभ्राम भ्राम्यमाणेन गोवत्सेनेव बालक: ॥ ९ ॥
अनुवाद
जब भगवान अच्युत ने हाथी की पूँछ पकड़ी तो वह बाएँ और फिर दाएँ घूमने लगा जिससे भगवान विपरीत दिशा में घूमने लगे जैसे कोई बालक किसी बछड़े की पूँछ खींचने पर घूमता है।
When Lord Achyuta caught hold of the elephant's tail, it attempted to turn left and then right, causing the Lord to turn in the opposite direction, just as a child turns when he pulls the tail of a calf.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥