अम्बष्ठाम्बष्ठ मार्गं नौ देह्यपक्रम मा चिरम् ।
नो चेत् सकुञ्जरं त्वाद्य नयामि यमसादनम् ॥ ४ ॥
अनुवाद
[कृष्ण ने कहा]: अरे सारथी, तुरंत एक तरफ हट जा और हमें निकलने दे। अगर तूने ऐसा नहीं किया तो आज ही मैं तुझे और तेरे हाथी को यमराज के धाम भेज दूँगा।
[Krishna said]: O mahout, O mahout, move aside immediately and let us pass. If you do not do this, I will send you along with your elephant to the abode of Yamraj today itself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥