Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.43.32: [चाणूर ने कहा]: हे नन्दपुत्र, हे राम, तुम दोनों साहसी पुरुषों द्वारा सम्मानित हो और दोनों ही कुश्ती लड़ने में निपुण हो। तुम्हारे शौर्य को सुनकर राजा ने स्वयं देखने के उद्देश्य से तुम दोनों को यहाँ बुलाया है। | bhagavat अध्याय 10.43: कृष्ण द्वारा कुवलयापीड हाथी का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे नन्दसूनो हे राम भवन्तौ वीरसम्मतौ ।
नियुद्धकुशलौ श्रुत्वा राज्ञाहूतौ दिदृक्षुणा ॥ ३२ ॥
अनुवाद
[चाणूर ने कहा]: हे नन्दपुत्र, हे राम, तुम दोनों साहसी पुरुषों द्वारा सम्मानित हो और दोनों ही कुश्ती लड़ने में निपुण हो। तुम्हारे शौर्य को सुनकर राजा ने स्वयं देखने के उद्देश्य से तुम दोनों को यहाँ बुलाया है।
[Chanura said]: O son of Nanda, O Rama, both of you are respected by brave men and both are skilled in wrestling. Hearing of your prowess, the king has called you both here to see it himself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥