श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 43: कृष्ण द्वारा कुवलयापीड हाथी का वध  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  10.43.29 
वदन्त्यनेन वंशोऽयं यदो: सुबहुविश्रुत: ।
श्रियं यशो महत्वं च लप्स्यते परिरक्षित: ॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
कहा जाता है कि इनकी रक्षा में यदुवंश अत्यधिक प्रसिद्ध होगा और धन-दौलत, यश और ताकत हासिल करेगा।
 
It is said that under his protection the Yaduvansh would become very famous and would gain wealth, fame and power.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)