श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 43: कृष्ण द्वारा कुवलयापीड हाथी का वध  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  10.43.24 
एष वै किल देवक्यां जातो नीतश्च गोकुलम् ।
कालमेतं वसन् गूढो ववृधे नन्दवेश्मनि ॥ २४ ॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने (कृष्ण जी ने) माता देवकी से जन्म लिया और उन्हें गोकुल ले जाया गया, जहाँ वे राजा नंद जी के घर में छिपकर इतने समय तक बड़े हुए।
 
He (Krishna) was born to mother Devaki and was taken to Gokul where He grew up hidden in the house of King Nanda for all this time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)