Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.43.19: नाना प्रकार के गहनों, मालाओं और वस्त्रों से सजे, विशाल भुजाओं वाले दोनों देवता, उत्तम वेश धारण किए अभिनेताओं की तरह, अखाड़े में शोभायमान थे। निस्संदेह, उन्होंने अपने तेज से समस्त देखने वालों के मन को अभिभूत कर लिया। | bhagavat अध्याय 10.43: कृष्ण द्वारा कुवलयापीड हाथी का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नाना प्रकार के गहनों, मालाओं और वस्त्रों से सजे, विशाल भुजाओं वाले दोनों देवता, उत्तम वेश धारण किए अभिनेताओं की तरह, अखाड़े में शोभायमान थे। निस्संदेह, उन्होंने अपने तेज से समस्त देखने वालों के मन को अभिभूत कर लिया।
Both of them (Gods) with huge arms, adorned with various kinds of ornaments, garlands and clothes, looked beautiful in the arena like actors in fine costumes. Undoubtedly, they overwhelmed the minds of all the onlookers with their brilliance.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥