स धावन् क्रीडया भूमौ पतित्वा सहसोत्थित: ।
तं मत्वा पतितं क्रुद्धो दन्ताभ्यां सोऽहनत्क्षितिम् ॥ ११ ॥
अनुवाद
कृष्ण हठी हाथी को झुठलाते हुए खेल-खेल में पृथ्वी पर गिर पड़ते और पुन: तेजी से उठ जाते। क्रुद्ध हाथी ने कृष्ण को गिरा हुआ समझकर उन पर अपने दाँत गाड़ने चाहे, किन्तु उल्टे वे दाँत धरती से जा टकराए।
Krishna would fall to the ground in a playful manner and then get up again. The enraged elephant thought that Krishna had fallen and tried to prick him with its teeth but instead those teeth struck the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥