Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.42.11: स्त्री द्वारा इस प्रकार प्रार्थना किए जाने पर, भगवान श्री कृष्णा ने सर्वप्रथम सहोदर बलराम की ओर देखा जो इस घटना को देख रहे थे। उसके बाद उन्होंने ग्वाल-बालों की ओर देखा और मुस्कुराते हुए उस स्त्री को उत्तर दिया। | bhagavat अध्याय 10.42: यज्ञ के धनुष का टूटना । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं स्त्रिया याच्यमान: कृष्णो रामस्य पश्यत: ।
मुखं वीक्ष्यानु गोपानां प्रहसंस्तामुवाच ह ॥ ११ ॥
अनुवाद
स्त्री द्वारा इस प्रकार प्रार्थना किए जाने पर, भगवान श्री कृष्णा ने सर्वप्रथम सहोदर बलराम की ओर देखा जो इस घटना को देख रहे थे। उसके बाद उन्होंने ग्वाल-बालों की ओर देखा और मुस्कुराते हुए उस स्त्री को उत्तर दिया।
When the woman implored Him in this manner, Lord Krishna first looked at the face of Balarama, who was watching the incident, and then at the faces of his cowherd friends. Then smiling, Krishna answered her in this manner.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥