Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.41.7: हे राजन्, वे मार्ग में जहाँ-जहाँ से गुजरते, गाँव के लोग पास आकर वसुदेव के इन दोनों पुत्रों को अत्यंत प्रसन्नतापूर्वक देखते। गाँव वाले उनसे अपनी आँखें हटा ही नहीं पाते थे। | bhagavat अध्याय 10.41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मार्गे ग्रामजना राजंस्तत्र तत्रोपसङ्गता: ।
वसुदेवसुतौ वीक्ष्य प्रीता दृष्टिं न चाददु: ॥ ७ ॥
अनुवाद
हे राजन्, वे मार्ग में जहाँ-जहाँ से गुजरते, गाँव के लोग पास आकर वसुदेव के इन दोनों पुत्रों को अत्यंत प्रसन्नतापूर्वक देखते। गाँव वाले उनसे अपनी आँखें हटा ही नहीं पाते थे।
O King, wherever they passed on the way, the villagers would come near and gaze at these two sons of Vasudeva with great joy. In fact, the villagers could not take their eyes off them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥