यत्राद्भुतानि सर्वाणि भूमौ वियति वा जले ।
तं त्वानुपश्यतो ब्रह्मन् किं मे दृष्टमिहाद्भुतम् ॥ ५ ॥
अनुवाद
और अब जब कि हे परम सत्य, मैं आपको देख रहा हूँ जिसके भीतर पृथ्वी, आकाश और जल की सारी अद्भुत वस्तुएँ निवास करती हैं, तो फिर मैं इस जगत में दूसरी कौन सी अद्भुत वस्तुएँ देख सकता हूँ?
And now that I see Thee, O Supreme Truth, in whom reside all the wonderful things of the earth, sky, and water, what other wonderful things could I see in this universe?
तात्पर्य
अक्रूर को अब यह ज्ञात हो गया है कि भगवान कृष्ण मात्र उनके भांजे नहीं हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥