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bhagavat 10.41.18: शुकदेव गोस्वामी ने कहा: प्रभु द्वारा इस प्रकार संबोधित किए जाने पर अक्रूर भारी मन से नगर में गए। उन्होंने राजा कंस को अपने मिशन की सफलता की सूचना दी और उसके बाद वे अपने घर चले गए।   |   bhagavat अध्याय 10.41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  10.41.18 
श्रीशुक उवाच
एवमुक्तो भगवता सोऽक्रूरो विमना इव ।
पुरीं प्रविष्ट: कंसाय कर्मावेद्य गृहं ययौ ॥ १८ ॥
 
 
अनुवाद
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: प्रभु द्वारा इस प्रकार संबोधित किए जाने पर अक्रूर भारी मन से नगर में गए। उन्होंने राजा कंस को अपने मिशन की सफलता की सूचना दी और उसके बाद वे अपने घर चले गए।
 
Sukadeva Goswami said: Having been addressed thus by the Lord, Akrura entered the city with a heavy heart. He informed King Kamsa of the success of his mission and then went back to his home.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)