Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.41.13: मैं एक साधारण गृहस्थ और धार्मिक अनुष्ठानों में विश्वास रखने वाला व्यक्ति हूँ। कृपया मेरे घर को अपने चरणकमलों की धूलि से पवित्र करें। ऐसा करने से मेरे पूर्वज, धार्मिक अनुष्ठान की अग्नि और सभी देवता संतुष्ट होंगे। | bhagavat अध्याय 10.41: कृष्ण तथा बलराम का मथुरा में प्रवेश । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं एक साधारण गृहस्थ और धार्मिक अनुष्ठानों में विश्वास रखने वाला व्यक्ति हूँ। कृपया मेरे घर को अपने चरणकमलों की धूलि से पवित्र करें। ऐसा करने से मेरे पूर्वज, धार्मिक अनुष्ठान की अग्नि और सभी देवता संतुष्ट होंगे।
I am an ordinary householder and I perform the prescribed yagnas. Therefore, please purify my house with the dust of your lotus feet. My ancestors, sacrificial fires and all the gods will be pleased by this act of purification.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥