सर्व एव यजन्ति त्वां सर्वदेवमयेश्वरम् ।
येऽप्यन्यदेवताभक्ता यद्यप्यन्यधिय: प्रभो ॥ ९ ॥
अनुवाद
किन्तु हे प्रभु, हे समस्त देवमय, ये सभी लोग चाहे आपसे अपना ध्यान हटाकर अन्य देवताओं की पूजा कर रहे हों, परन्तु वास्तव में वे सभी आपकी ही पूजा कर रहे हैं।
But, O Lord, all these people, even those who have turned their attention away from You and are worshiping other gods, are actually worshiping You, O embodiment of all divinities.
तात्पर्य
यहां विचार यह है कि जो लोग देवताओं की पूजा करते हैं वे भी परोक्ष रूप से परम भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। हालाँकि, ऐसे भक्तों की समझ अपूर्ण होती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥