Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.40.19: अपने भक्तों के डर को दूर करने वाले अद्भुत सिंह (भगवान नृसिंह) और तीनों लोकों को नापने वाले वामन को मैं प्रणाम करता हूँ। | bhagavat अध्याय 10.40: अक्रूर द्वारा स्तुति । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नमस्तेऽद्भुतसिंहाय साधुलोकभयापह ।
वामनाय नमस्तुभ्यं क्रान्तत्रिभुवनाय च ॥ १९ ॥
अनुवाद
अपने भक्तों के डर को दूर करने वाले अद्भुत सिंह (भगवान नृसिंह) और तीनों लोकों को नापने वाले वामन को मैं प्रणाम करता हूँ।
I salute you, O wonderful lion (Lord Narasimha) who drives away the fear of his saint-devotees, and O Vaman, who measures the three worlds with his steps.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥