रात बीत जाने पर कंस ने अपने सभी मंत्रियों को बुलाया और उन्हें वह सबकुछ बताया जो योगमाया ने कहा था (जिसने बताया था कि कंस को मारने वाला अब तक कहीं और पैदा हो चुका है)।
After the night had passed, Kansa called all his ministers and told them everything that Yogamaya had said (who had revealed the secret that the one who would kill Kansa had been born somewhere else).
तात्पर्य
वैदिक शास्त्र चंडी देवी सरवा-भूतेषु निद्रा-रूपेण समस्थिता:'' में परम प्रभु की ऊर्जा माया को निद्रा के रूप में वर्णित करता है। योग माया एव महामाया की ऊर्जा जीवों को अज्ञान के अंधेरे में इस भौतिक संसार में सोता रखती है। देवी दुर्गा योगमाया ने कृष्ण के जन्म के बारे में कंस को अंधकार में रखा और उसे यह भ्रम दिया कि कंस का शत्रु कृष्ण कहीं और जन्म ले चुका है। कृष्ण का जन्म देवकी के पुत्र के रूप में हुआ था लेकिन प्रभु की मूल योजना के अनुसार, जैसा कि ब्रह्मा को भविष्यवाणी की गई थी, वह ग्यारह वर्षों तक माता यशोदा और नंद महाराज तथा अन्य अंतरंग मित्रों और भक्तों को खुशी देने के लिए वृंदावन गए। फिर वह कंस को मारने के लिए लौटेंगे। क्योंकि कंस यह नहीं जानता था, इसलिए उसने योगमाया के कथन पर विश्वास किया कि कृष्ण का जन्म कहीं और हुआ था, न कि देवकी से।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥