Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.4.12: अरे कंस! मूर्ख, मुझे मारने से तुझे क्या हासिल होगा? तेरा जन्मजात शत्रु और तेरा वध करने वाला श्री भगवान् कहीं और जन्म ले चुका है। इसलिए, व्यर्थ ही और बच्चों को मत मार। | bhagavat अध्याय 10.4: राजा कंस के अत्याचार । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किं मया हतया मन्द जात: खलु तवान्तकृत् ।
यत्र क्व वा पूर्वशत्रुर्मा हिंसी: कृपणान् वृथा ॥ १२ ॥
अनुवाद
अरे कंस! मूर्ख, मुझे मारने से तुझे क्या हासिल होगा? तेरा जन्मजात शत्रु और तेरा वध करने वाला श्री भगवान् कहीं और जन्म ले चुका है। इसलिए, व्यर्थ ही और बच्चों को मत मार।
O fool Kansa, what will you gain by killing me? Your natural enemy and the Supreme Personality of Godhead who can kill you has already taken birth elsewhere. Therefore, do not kill other children in vain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥