ममाद्यामङ्गलं नष्टं फलवांश्चैव मे भव: ।
यन्नमस्ये भगवतो योगिध्येयाङ्घ्रिपङ्कजम् ॥ ६ ॥
अनुवाद
आज मेरे सारे पापों का नाश हो गया है और मेरा जन्म सफल हो गया है, क्योंकि मैं भगवान के उन चरणकमलों को प्रणाम करूँगा, जिनका ध्यान बड़े-बड़े योगी भी करते हैं।
Today, all my sins have been eradicated and my birth has become successful because I will bow to the Lord's lotus feet which are meditated upon by great Yogis.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥