Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.38.3: मैंने ऐसे कौन-से पुण्य कर्म किये हैं, ऐसी कौन-सी कठिन तपस्या की है, ऐसी कौन-सी पूजा की है या ऐसा कौन-सा दान दिया है, जिससे आज मैं भगवान् केशव की झलक पाने का सौभाग्य प्राप्त करूँगा? | bhagavat अध्याय 10.38: वृन्दावन में अक्रूर का आगमन । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने ऐसे कौन-से पुण्य कर्म किये हैं, ऐसी कौन-सी कठिन तपस्या की है, ऐसी कौन-सी पूजा की है या ऐसा कौन-सा दान दिया है, जिससे आज मैं भगवान् केशव की झलक पाने का सौभाग्य प्राप्त करूँगा?
[Sri Akrura thought]: What auspicious deeds have I performed, what difficult penance have I performed, what worship have I done or what donation have I given, due to which I will get the darshan of Lord Keshav today?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥