Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.37.33: उसके बाद कृष्ण ने गुफा के द्वार को अवरुद्ध करने वाले शिलाखंड को चूर-चूर कर दिया और बंदी बनाए गए ग्वालबालों को अपने साथ सुरक्षित स्थान पर ले आये। इसके बाद देवताओं और ग्वालों द्वारा उनका गुणगान किया जाने लगा और वे अपने ग्वाल-ग्राम गोकुल वापस लौट गए। | bhagavat अध्याय 10.37: केशी तथा व्योम असुरों का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके बाद कृष्ण ने गुफा के द्वार को अवरुद्ध करने वाले शिलाखंड को चूर-चूर कर दिया और बंदी बनाए गए ग्वालबालों को अपने साथ सुरक्षित स्थान पर ले आये। इसके बाद देवताओं और ग्वालों द्वारा उनका गुणगान किया जाने लगा और वे अपने ग्वाल-ग्राम गोकुल वापस लौट गए।
Thereafter, Krishna smashed the rock blocking the cave's door to pieces and brought the captured cowherd boys to a safe place. After this, he was praised by the Gods and cowherd boys and he returned to his cowherd village, Gokul.
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध दस के अंतर्गत सैंतालीसवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥