Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.37.25: युद्ध में दानव केशी का वध करने के बाद, भगवान श्रीकृष्ण अपने खुशमिजाज ग्वालों साथियों के साथ गायों और अन्य जानवरों को चराते रहे। इस प्रकार उन्होंने वृन्दावन के सभी निवासियों को खुशियाँ पहुँचाईं। | bhagavat अध्याय 10.37: केशी तथा व्योम असुरों का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युद्ध में दानव केशी का वध करने के बाद, भगवान श्रीकृष्ण अपने खुशमिजाज ग्वालों साथियों के साथ गायों और अन्य जानवरों को चराते रहे। इस प्रकार उन्होंने वृन्दावन के सभी निवासियों को खुशियाँ पहुँचाईं।
After killing the demon Keshi in the war, Lord Krishna, along with his happy cowherd friends, kept grazing the cows and other animals. In this way, he brought joy and happiness to all the residents of Vrindavan.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥