Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.37.13: आप, वही सृष्टिकर्ता, अब पृथ्वी पर उन दैत्यों, प्रमथों और राक्षसों का नाश करने के लिए अवतरित हुए हैं जो राजा होने का दावा कर रहे हैं और साथ ही सज्जन पुरुषों की रक्षा करने के लिए भी। | bhagavat अध्याय 10.37: केशी तथा व्योम असुरों का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वं भूधरभूतानां दैत्यप्रमथरक्षसाम् ।
अवतीर्णो विनाशाय साधुनां रक्षणाय च ॥ १३ ॥
अनुवाद
आप, वही सृष्टिकर्ता, अब पृथ्वी पर उन दैत्यों, प्रमथों और राक्षसों का नाश करने के लिए अवतरित हुए हैं जो राजा होने का दावा कर रहे हैं और साथ ही सज्जन पुरुषों की रक्षा करने के लिए भी।
You are the Creator yourself, who has now appeared on this earth to destroy the demons, Pramathas and devils who consider themselves kings, and to protect the saintly persons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥