Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 10.36.22-23: मेरे वीरो, चाणूर और मुष्टिक, यह ध्यान से सुनो। आनकदुन्दुभि (वसुदेव) के पुत्र राम और कृष्ण नंद के ग्वालों के गाँव में रह रहे हैं। यह भविष्यवाणी की गई है कि ये दोनों बालक मेरी मृत्यु का कारण बनेंगे। जब वे यहाँ लाए जाएँ तो तुम उन्हें कुश्ती लड़ने के बहाने से मार डालना।   |   bhagavat अध्याय 10.36: वृषभासुर अरिष्ट का वध   ।   bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ  »  अध्याय 36: वृषभासुर अरिष्ट का वध  »  श्लोक 22-23
 
 
श्लोक  10.36.22-23 
भो भो निशम्यतामेतद् वीरचाणूरमुष्टिकौ ।
नन्दव्रजे किलासाते सुतावानकदुन्दुभे: ॥ २२ ॥
रामकृष्णौ ततो मह्यं मृत्यु: किल निदर्शित: ।
भवद्‌भ्यामिह सम्प्राप्तौ हन्येतां मल्ललीलया ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
मेरे वीरो, चाणूर और मुष्टिक, यह ध्यान से सुनो। आनकदुन्दुभि (वसुदेव) के पुत्र राम और कृष्ण नंद के ग्वालों के गाँव में रह रहे हैं। यह भविष्यवाणी की गई है कि ये दोनों बालक मेरी मृत्यु का कारण बनेंगे। जब वे यहाँ लाए जाएँ तो तुम उन्हें कुश्ती लड़ने के बहाने से मार डालना।
 
My heroes, Chanur and Mushtik, listen to this. Rama and Krishna, the sons of Anakadundhubhi (Vasudeva), are living in Nanda's Vraj. It has been prophesied that these two boys will be the cause of my death. When they are brought here, you kill them on the pretext of wrestling.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)