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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ
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अध्याय 36: वृषभासुर अरिष्ट का वध
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श्लोक 20
श्लोक
10.36.20
प्रतियाते तु देवर्षौ कंस आभाष्य केशिनम् ।
प्रेषयामास हन्येतां भवता रामकेशवौ ॥ २० ॥
अनुवाद
नारद के चले जाने के बाद, राजा कंस ने केशी को बुलाया और हुकुम दिया, “जाओ राम और कृष्ण को खत्म कर दो।”
After Narada left, King Kamsa called Keshi and ordered him, “Go and kill Rama and Krishna.”
तात्पर्य
कृष्ण और बलराम को मथुरा लाने से पहले, कंस ने वृन्दावन में एक और राक्षस भेजने का प्रयास किया था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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