Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.36.14: रक्त की उल्टियाँ और मल-मूत्र को बुरी तरह से त्यागते हुए, अपने पैरों को पटकते हुए और अपनी आँखों को इधर-उधर घुमाते हुए, अरिष्टासुर बहुत पीड़ा के साथ मृत्यु के घर चला गया। देवताओं ने श्री कृष्ण पर फूल बरसाकर उनका सम्मान किया। | bhagavat अध्याय 10.36: वृषभासुर अरिष्ट का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रक्त की उल्टियाँ और मल-मूत्र को बुरी तरह से त्यागते हुए, अपने पैरों को पटकते हुए और अपनी आँखों को इधर-उधर घुमाते हुए, अरिष्टासुर बहुत पीड़ा के साथ मृत्यु के घर चला गया। देवताओं ने श्री कृष्ण पर फूल बरसाकर उनका सम्मान किया।
Vomiting blood and defecating badly, stamping his feet and rolling his eyes from side to side, Arishtasura went to the abode of death in great pain. The gods honored Krishna by showering flowers on him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥