Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 10.34.28: प्रभु ने उत्तर में पुकारा, "मत डरो!" तत्पश्चात, उन्होंने हाथों में शाल वृक्ष के लट्ठे उठाए और उस नीच गुह्यक का तेजी से पीछा किया, जो तेजी से भाग रहा था। | bhagavat अध्याय 10.34: नन्द महाराज की रक्षा तथा शंखचूड़ का वध । bhagavat स्कन्ध 10: परम पुरुषार्थ । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मा भैष्टेत्यभयारावौ शालहस्तौ तरस्विनौ ।
आसेदतुस्तं तरसा त्वरितं गुह्यकाधमम् ॥ २८ ॥
अनुवाद
प्रभु ने उत्तर में पुकारा, "मत डरो!" तत्पश्चात, उन्होंने हाथों में शाल वृक्ष के लट्ठे उठाए और उस नीच गुह्यक का तेजी से पीछा किया, जो तेजी से भाग रहा था।
The Lord called out in reply: “Do not be afraid.” Thereupon He took up logs of the sal tree in His hands and began to pursue the vilest Guhyaka who was running rapidly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥