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जगतु: सर्वभूतानां मन:श्रवणमङ्गलम् ।
तौ कल्पयन्तौ युगत्स्वरमण्डलमूर्च्छितम् ॥ २३ ॥
अनुवाद
कृष्ण और बलराम एक साथ आरोह अवरोह के राग में, विभिन्न ध्वनियों को मिलाकर गा रहे थे। उनके गायन से, सभी जीवों के कान और मन आनंदित हो रहे थे।
Krishna and Balarama together played a raga consisting of all the ascent and descent sounds. Their singing brought pleasure to the ears and minds of all living beings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥